अब डस्टबिन खुद खोलेगा ढक्कन, खुद करेगा कचरा कॉम्पैक्ट, हरिद्वार नगर निगम का ‘स्मार्ट सोलर बिन’ कांवड़ मेले में बना आकर्षण
हरिद्वार। (लोक निर्णय) स्वच्छता व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए हरिद्वार नगर निगम ने एक अनोखी पहल की है। नगर आयुक्त आईएएस नंदन कुमार के निर्देश पर नगर निगम ने जे.डी.ई. वेलफेयर सोसायटी के माध्यम से नगर की जरूरतों के अनुरूप अत्याधुनिक ‘स्मार्ट सोलर सेंसर कॉम्पैक्ट बिन’ तैयार कराया है। इस हाईटेक डस्टबिन का ट्रायल इन दिनों कांवड़ पटरी पर किया जा रहा है, जहां हजारों श्रद्धालु इसका उपयोग कर रहे हैं।यह स्मार्ट डस्टबिन सेंसर आधारित ऑटोमैटिक सिस्टम से लैस है। जैसे ही कोई व्यक्ति इसके सामने पहुंचता है, इसका ढक्कन स्वतः खुल जाता है और कचरा डालने के बाद अपने आप बंद हो जाता है। इससे बिना किसी स्पर्श के स्वच्छ और सुविधाजनक तरीके से कचरा निस्तारण संभव हो रहा है।इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका ऑटोमैटिक कचरा कॉम्पैक्शन सिस्टम है। डस्टबिन में कचरा डालते ही यह उसे स्वतः दबाकर कॉम्पैक्ट कर देता है, जिससे कम जगह में कई गुना अधिक कचरा संग्रहित किया जा सकता है। इससे डस्टबिन जल्दी भरने की समस्या कम होगी और बार-बार खाली करने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित यह स्मार्ट बिन बाहरी बिजली पर निर्भर नहीं है। इसकी मजबूत और सुरक्षित डिजाइन आवारा पशुओं को डस्टबिन गिराने या उसमें मुंह डालकर कचरा फैलाने से भी रोकती है, जिससे सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
नगर निगम के अनुसार, कांवड़ मेले के दौरान इस स्मार्ट बिन का ट्रायल बेहद सफल रहा है और श्रद्धालुओं ने भी इसकी सराहना की है। यदि ट्रायल पूरी तरह सफल रहता है तो अगले चरण में इसे शहर के प्रमुख बाजारों, घाटों, पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी स्थापित किया जाएगा।ट्रायल के दौरान उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी, मुख्य सफाई निरीक्षक सुनील मलिक, मुख्य सफाई निरीक्षक संजय शर्मा, सफाई निरीक्षक श्रीमती रूपाली सहित नगर निगम की टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने स्वयं स्मार्ट बिन की कार्यप्रणाली का निरीक्षण कर इसकी उपयोगिता का परीक्षण किया।नगर निगम का मानना है कि यह नवाचार स्वच्छता प्रबंधन में आधुनिक तकनीक के उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल कचरा संग्रहण व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी, बल्कि स्वच्छ, सुंदर, तकनीक-सक्षम और पर्यावरण अनुकूल हरिद्वार के निर्माण को भी नई गति मिलेगी।





